सत्य निकेतन हादसा 6 सितंबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला बिल्डिंग (जो बॉयज पीजी ‘Hostel Daze’ के रूप में चल रही थी) ढह गई। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई (जिनमें ज्यादातर दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र थे) और कई घायल हुए। बिल्डिंग पुरानी थी, बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था और पानी जमा होने से संरचना कमजोर हो गई थी। यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास छात्र आवास का बड़ा हब है, जहां कॉलेज हॉस्टल की कमी के कारण हजारों छात्र निजी पीजी में रहते हैं।
इस त्रासदी के बाद छात्रों की सुरक्षा और किफायती आवास की मांग जोरों पर बढ़ गई।
हॉस्टल का ऐलान (15 सितंबर 2026) को
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को वीडियो संदेश जारी कर बड़ा ऐलान किया:
दिल्ली सरकार 10,000 छात्रों (लड़के और लड़कियां दोनों) के लिए पूरी तरह सुसज्जित, सुरक्षित और किफायती हॉस्टल बनाएगी।
ये हॉस्टल दिल्ली के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए होंगे।
सरकार ने संबंधित विभागों के साथ बैठकें की हैं, उपयुक्त स्थानों की पहचान कर ली है और पॉलिसी ड्राफ्ट करने का काम शुरू कर दिया है।
लक्ष्य: माता-पिता बिना चिंता के अपने बच्चों को छोड़ सकें और छात्र खाने-रहने की टेंशन से मुक्त होकर पढ़ाई पर फोकस कर सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कि “हर छात्र जो दिल्ली आता है, उसकी आंखों में सपने होते हैं, पीछे कड़ी मेहनत और परिवार की उम्मीदें। हमारा प्रयास है कि उन्हें सुरक्षित और सहायक जगह मिले, ताकि वे मन की शांति से पढ़ सकें।”
दिल्ली यूनिवर्सिटी में वर्तमान में हॉस्टल सीटें बहुत सीमित हैं (यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को मिलाकर लगभग 7,000-12,000 के आसपास), जबकि लाखों बाहरी छात्र आते हैं। इसलिए निजी पीजी पर निर्भरता बहुत ज्यादा है, जो अक्सर असुरक्षित साबित होते हैं।
नोट: लोकेशन, फीस, पात्रता, टाइमलाइन और अन्य डिटेल्स अभी स्पष्ट नहीं किए गए हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में एक समिति पॉलिसी तैयार कर रही है।
2,000 आधुनिक सार्वजनिक शौचालय का ऐलान
इससे एक दिन पहले (14 सितंबर) सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग के सिंगलपुर गांव लेबर चौक पर नए आधुनिक पब्लिक कन्वीनियंस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते हुए घोषणा की:
दिल्ली में एक साल के अंदर 2,000 आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे।
टूरिज्म डिपार्टमेंट और एमसीडी प्रत्येक 1,000 शौचालय बनाएंगे।
एमसीडी के 1,000 शौचालयों का पूरा खर्च मुख्यमंत्री विकास निधि (CMDF) से आएगा।
टूरिज्म डिपार्टमेंट पहले 6 महीने में 500 और अगले 6 महीने में 500 बनाएगा।
पहले चरण के 500 शौचालयों के लिए ₹266.26 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
इनमें सोलर पैनल, सीसीटीवी, मैकेनिकल वेंटिलेशन, दिव्यांगजन सुविधाएं, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और आउटडोर वीडियो वॉल जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
जगहें: मार्केट, हाईवे, टूरिस्ट स्पॉट, पार्क, कमर्शियल एरिया आदि।
