तेलंगाना में गणेश चतुर्थी और विसर्जन के दौरान कई जगहों पर हादसे हुए। राज्य के पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 10 दिनों में 13 लोगों की मौत हो गई और 26 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर विसर्जन शांतिपूर्ण रहा और शनिवार सुबह तक प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। राज्य में लगभग 1.24 लाख सार्वजनिक मूर्तियों का पंजीकरण हुआ था, जिनमें से शुक्रवार सुबह तक करीब 88,000 का विसर्जन हो चुका था।संगारेड्डी में सबसे बड़ा हादसा: 6 छात्रों की डूबने से मौतसबसे दर्दनाक घटना 16 सितंबर को संगारेड्डी जिले के पटानचेरु मंडल के पेड्डा कांजेरला गांव में हुई। सिरीषा मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के 6 छात्र गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए नेरेडु चेरुवु तालाब गए थे। शाम करीब 7 बजे वे तालाब में गिर गए और डूब गए। मृतकों की पहचान नरसिम्हा राजू (21), उदय किरण (22), गणेश (18), सुमंत रेड्डी (17), सिद्धार्थ (17) और श्याम कुमार के रूप में हुई। सभी को पटानचेरु के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। ट्रस्ट के वार्डन पर लापरवाही का आरोप लगाकर गिरफ्तारी भी हुई।हैदराबाद और अन्य जिलों में अन्य हादसे खैरताबाद: एक 24 वर्षीय युवक शिव विसर्जन जुलूस के वाहन के पहियों के नीचे कुचल गया। पुलिस की लाठीचार्ज की कोशिश के दौरान वह वाहन पर चढ़ने की कोशिश में फिसल गया।
कोठगुडेम एसआई की मौत: भद्राद्री कोठगुडेम के सब-इंस्पेक्टर वेंकन्ना हैदराबाद में ड्यूटी पर थे। उन्हें बाइक ने टक्कर मारी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
निर्मल, करीमनगर, जगित्याल, मेडक: कई जगहों पर डूबने, करंट लगने और दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं हुईं। निर्मल में चंचू रमेश (45) तालाब में डूबे, जगित्याल में कोप्पुला राजशेखर (23) को करंट लगा, करीमनगर में एक किशोर लापता हुआ। मेडक में भी एक भक्त डूबा।पुलिस ने हैदराबाद में 25,000 से ज्यादा जवान तैनात किए थे। सीसीटीवी, ड्रोन और कमांड सेंटर के जरिए निगरानी की गई। डीजीपी ने लोगों से शोर कम करने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और सुरक्षित घर पहुंचने की अपील की। बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।विसर्जन प्रक्रिया शनिवार सुबह तक पूरी होने की उम्मीद है। परिवारों को सहायता और मुआवजे की घोषणा की गई है।सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दे रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
