प्राचीन ज्ञान-परंपरा और आधुनिक शिक्षा के संगम का अभिनव प्रयासलखनऊ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से शिक्षा मंत्रालय देशभर में पुस्तक महोत्सवों के माध्यम से भारत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा, साहित्य और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ किया गया।यह पुस्तक महोत्सव लोगों को पुस्तकों, साहित्य और ज्ञान की दुनिया से जोड़ने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं प्राचीन ज्ञान-विरासत को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान का विस्तारगोमती पुस्तक महोत्सव का उद्देश्य समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों, युवाओं तथा आम पाठकों को पुस्तकों के प्रति आकर्षित करना है। इस आयोजन के माध्यम से लोगों को विभिन्न विषयों पर प्रकाशित पुस्तकों को देखने, पढ़ने और खरीदने का अवसर मिलेगा।महोत्सव में साहित्य, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा और समसामयिक विषयों से संबंधित पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान का व्यापक प्रसार करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का मेलशिक्षा मंत्रालय की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ना है। भारतीय सभ्यता में ज्ञान, साहित्य, दर्शन, विज्ञान और शिक्षा की समृद्ध परंपरा रही है। पुस्तक महोत्सव जैसे आयोजनों के जरिए इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।इसके साथ ही, आधुनिक तकनीक, नए विचारों और समकालीन शिक्षा पद्धतियों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

विद्यार्थियों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण आयोजनगोमती पुस्तक महोत्सव विद्यार्थियों और युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है। ऐसे आयोजनों से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य, इतिहास और विभिन्न शैक्षणिक विषयों से संबंधित सामग्री तक पहुंच मिलती है।पुस्तकों के साथ संवाद, लेखकों से मुलाकात और साहित्यिक गतिविधियां युवाओं में रचनात्मक सोच तथा अध्ययन की आदत को मजबूत करने में सहायक होती हैं।
पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेशमहोत्सव का आयोजन समाज में पुस्तकों के महत्व को रेखांकित करता है। डिजिटल युग में भी किताबें ज्ञान, विचार और संस्कारों का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई हैं। ऐसे पुस्तक महोत्सव लोगों को मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ पुस्तकों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।5वां गोमती पुस्तक महोत्सव लखनऊ में ज्ञान, साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन प्राचीन ज्ञान-विरासत को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और समाज में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने के संकल्प को आगे बढ़ाता है।

