जयपुर, 14 सितंबर 2026: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए। राज्य के 309 शहरी निकायों (10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिका) में भाजपा ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए 163 निकायों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 103 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 43 निकाय मिले।
चुनाव की मुख्य बातें
मतदान: दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को हुआ। कुल मतदान प्रतिशत लगभग 73.56% रहा, जो पिछले निकाय चुनाव से करीब 3 प्रतिशत अंक अधिक था।
उम्मीदवार: कुल 38,889 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा ने 9,290, कांग्रेस ने 9,027 और निर्दलीयों ने 18,732 उम्मीदवार उतारे। अन्य दलों में आरएलपी, आप, बसपा आदि भी शामिल थे।
वार्ड: लगभग 10,167 से 10,245 वार्डों के लिए चुनाव हुए।
मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और दिनभर नतीजे आते रहे। भाजपा सत्ताधारी पार्टी होने के नाते शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल रही। यह परिणाम 2028 के विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के नतीजे
जयपुर नगर निगम (150 वार्ड): भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा को 95 वार्डों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस को 43।
उदयपुर नगर निगम: भाजपा ने बहुमत हासिल किया (41 सीटें), कांग्रेस को 17।
झालावाड़ नगर परिषद (वसुंधरा राजे का गढ़): कांग्रेस ने बड़ा झटका दिया। 45 में से 29 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया, भाजपा को 13
अन्य नगर निगम: भाजपा 6-8 नगर निगमों में आगे या नियंत्रण में रही, जबकि कांग्रेस कुछ जगहों (जैसे अजमेर, बीकानेर आदि) पर प्रतिस्पर्धा कर रही थी।
वार्ड स्तर पर भी भाजपा आगे रही। विभिन्न अपडेट्स में भाजपा हजारों वार्डों पर जीत दर्ज करती दिखी, हालांकि कांग्रेस और निर्दलीय भी कई जगहों पर प्रभावी रहे।
आगे की प्रक्रिया
21 सितंबर को मेयर, सभापति और चेयरमैन के चुनाव होंगे। 22 सितंबर को उप-मेयर आदि पदों के चुनाव। भाजपा की मजबूत स्थिति के कारण इन पदों पर उसकी दावेदारी मजबूत हो गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में अच्छी पकड़ दिखाई। कांग्रेस ने झालावाड़ जैसे कुछ क्षेत्रों में सरप्राइज दिया, लेकिन कुल मिलाकर भाजपा हावी रही। ये नतीजे दोनों पार्टियों के संगठन की ताकत और शहरी मतदाताओं के मूड को दर्शाते हैं।
